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Shayaris

Mai shayar toh nahi

ये तो शौक है मेरा ददॅ लफ्जो मे बयां करने का, नादान लोग हमे युं ही शायर समझ लेते है.   अगर तेरी नजरें कत्ल करने में माहिर है तो सुन… हम भी मर-मर कर जीने मेंउस्ताद हो गये हैं   Ujaale apni yaado ko hmare sath rehne de…. Naa jane kis gali m zindgi […]

Mai shayar toh nahi

दीदार की तलब हो तो नजरें जमाये रखना .. क्यों कि ‘नकाब’ हो या ‘नसीब’ सरकता जरूर है”     तुम ना लगा पाओगे अंदाजा मेरी तबाही का, तुमने देखा ही कहाँ है मुझे शाम होने के बाद.   मुश्किलों से कह दो, उलझा न करे हम से… हमें हर हालात में, जीने का हुनर […]

Mai shayar toh nahi

मांग के भी देख लिया…. किस्मत से लड़कर भी देख लिया खुदा जाने मोहब्बत मिलती कैसे है..??   बिछङने वाले तेरे लिए एक मशवरा है, कभी हमारा ख्याल आए तो अपना ख्याल रखना…!!   अनकहे शब्दों के बोझ से थक जाता हूँ कभी-कभी । पता नहीं ख़ामोश रहना मज़बूरी है या समझदारी मेरी ।।

Mai shayar toh nahi

कौन समझाए उन्हें,इतनी जलन ठीक नहीं; जो ये कहते हैं,मेरा चाल-चलन ठीक नहीं!     झूठ को,सच में बदलना भी हुनर है लेकिन; अपने ऐबों को छुपाने का,ये फन ठीक नहीं!     शौक़ से छोड़ के जाएँ,ये चमन वो पंछी; जिनको लगता है,ये अपना वतन ठीक नहीं!

Mai shayar toh nahi

जीत की आदत अच्छी होती है, लेकिन कुछ लोगों से हारने का मज़ा की कुछ अलग होता है ।।     उस शख्स में बात ही कुछ ऐसी थी दिल नहीं देते तो जान चली जाती.. और जब हमने दिल वापस मांगा तो वो सर झुका कर बोले वो तो टूट गया खेलते खेलते   […]

Mai shayar toh nahi

उनकी नीयत में ख़लल है,तो घर से ना निकलें; तेज़ बारिश में,ये मिट्टी का बदन ठीक नहीं! जो लिबासों को,बदलने का शौक़ रखते थे; आखरी वक़्त ना कह पाए,क़फ़न ठीक नहीं! !! एक नींद है जो रात भर नहीं आती.. और एक नसीब है जो ना जाने कब से है सो रहा…!!

Mai shayar toh nahi

माँ की गोद याद आती हैं,वो सुरीली लोरी याद आती हैं; चैन की वो नींद कहीं खो गई, अब बस थकान भरी नींद आती हैं!   ना जाने क्यो टूट गया मेरे वजूद का आयना..!! अपनो के पत्थर क्या खूब निशाने पर लगे Purani Hokar Bhi Khaas Hoti Jaa Rahi Hai, Mohabbat Besharam Hai, Be-Hisaab […]

Mai shayar toh nahi

फासला रख के भी क्या हासिल हुआ…. आज भी मैं उसका ही कहलाता हूँ  ????   ये तो ख्वाहिशे है जो उम्र भर सुलगती हैं,  वरना जिस्म तो दो पल में राख़ हो जाता है..   इश्क न होने के सिर्फ दो तरीके हे.. या तो दिल न बना होता, या तुम ना बनी होते!!!

Mai shayar toh nahi

कागज़ के नोटों से आखिर किस किस को खरीदोगे… किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी, सिक्का हीं उछाला जाता है.. मोहब्बते वही सची होती है जिनकी मंजिले लंबी होती है…..i   मैं उस किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ, वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए….